Monday, 24 October 2011
Monday, 3 October 2011
क्रोध है अभिशाप

आज समझते हैं कि क्रोध आपकी कितनी निजी हानि करता है। कई लोगों का स्वभाव होता है बात बात पर उत्तेजित हो जाना। मर्यादाएं भूल जाना। किसी पर भी फूट पडऩा। ऐसे लोग अक्सर सिर्फ नुकसान ही उठाते हैं। खुद के स्वास्थ्य का भी, संबंधों का भी और छवि का भी। हमेशा ध्यान रखें अपनी छवि का।
लोग अक्सर अपनी छवि को लेकर लापरवाह होते हैं। हम जब भी परिवार में, समाज में होते हैं तो भूल जाते हैं कि हमारी इमेज क्या है और हम कैसा व्यवहार कर रहे हैं। निजी जीवन में तो और भी ज्यादा असावधान होते हैं। अच्छे-अच्छे लोगों का निजी जीवन संधाड़ मार रहा है।
अगर आप बार-बार गुस्सा करते हैं तो सबसे पहले जो चीज खोते हैं वह है आपके संबंध। क्रोध की आग सबसे पहले संबंधों को जलाती है। पुश्तों से चले आ रहे संबंध भी क्षणिक क्रोध की बलि चढ़ते देखे गए हैं। दूसरी चीज हमारे अपनों की हमारे प्रति निष्ठा। रिश्तों में दरार आए तो निष्ठा सबसे पहले दरकती है। फिर जाता है हमारा सम्मान।
अगर आप बार बार किसी पर क्रोध करते हैं तो आप उसकी नजर में अपना सम्मान भी गंवाते जा रहे हैं। इसके बाद बारी आती है अपनी विश्वसनीयता की। हम पर से लोगों का विश्वास उठता जाता है। फिर स्वभाव और स्वास्थ्य। कहने को लोग हमारे साथ दिखते हैं, लेकिन वास्तव में वे होते नहीं है।
समाधान में चलते हैं। हमेशा चेहरे पर मुस्कुराहट रखें। कोई भी बात हो, गहराई से उस पर सोचिए सिर्फ क्षणिक आवेग में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त ना करें। सही समय का इंतजार करें। कृष्ण से सीखिए अपने स्वभाव में कैसे रहें। उन्होंने कभी भी क्षणिक आवेग में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। हमेशा परिस्थिति को गंभीरता से देखते थे। शिशुपाल अपमान करता रहा लेकिन वे सही वक्त का इंतजार करते रहे। वक्त आने पर ही उन्होंने शिशुपाल को मारा।
अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन को और चेहरे पर मुस्कुराहट को स्थान दें। ये दोनों चीजें आपके व्यक्तित्व में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। कभी भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए आपको तैयार रखेगी।
दीपक
Saturday, 17 September 2011
अजब गजब
हर साल दुनिया में उपयोग में आने वाला 80 फीसदी प्लास्टिक बहकर समुद्र में पहुंच जाता है। प्लास्टिक की बोतलों को गलकर समाप्त होने में सैकड़ों साल लगते हैं। लेकिन आंद्रेयास फ्रोएजे का कहना है कि बेकार सा लगता यह कूड़ा मूल्यवान संसाधन हो सकता है।
इससे घर का निर्माण कर पर्यावरण को बचाया जा सकता है। घर बनाने के लिए प्लास्टिक की खाली बोतलों को बालू या राख से भरकर एक दूसरे के ऊपर जमा कर दिया जाता है और फिर गारे से चुन दिया जाता है। इस ढांचे को नाइलोन की रस्सी से पक्का किया जाता है ताकि वह गिरे नहीं।
आंद्रेयास फ्रोएजे प्रशिक्षित राजमिस्त्री हैं और इस तरह से वह पर्यावरण की रक्षा करना चाहते हैं1 साथ ही गरीबी में रहने वाले लोगों को घर मुहैयार कराना चाहते हैं।
इन्होंने इको-टेक नाम की एक कंपनी बनाई है। इनकी कंपनी दुनिया भर में प्लास्टिक के करीब 50 मकान बनाए चुकी है। वे 7.3 की तीव्रता वाले भूकंप को भी झेलने में भी सक्षम है। उन्होंने दावा किया है कि प्लास्टिक की बोतल सामान्य ईंट से ज्यादा बोझ और धक्का सह सकती है।
है न कमाल..........................................
दीपक
Friday, 26 August 2011
अजब गजब
जापानी इंजीनियरों ने एक ऐसी कार तैयार कर ली है जो पेट्रोल-डीजल के बजाय पानी से चलेगी । एक लीटर पानी से यह कार एक घंटे चलेगी और इसकी रफ्तार 80 किलोमीटर तक रहेगी। इसके लिए कोई भी पानी यानी नदी, तालाब या यहां तक कि समुद्र का पानी भी चलेगा। इंजिन पर रखे बोतल में जब तक पानी रहेगा तब तक कार दौड़ती रहेगी।यह कार मूल रूप से बिजली से चलती है और यह बिजली पानी से बनती है।
इसके लिए बैटरी को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं है। पानी कार के अंदर जब जाता है तो वहां एक टैंक में लगा जेनरेटर उसे खंडित करता है जिससे बिजली बनती है। जेनपेक्स के सीईओ कियोशी हिरास्वा ने यह तोक्यो टीवी को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया गया है।
इसके लिए बैटरी को बार-बार चार्ज करने की जरूरत नहीं है। पानी कार के अंदर जब जाता है तो वहां एक टैंक में लगा जेनरेटर उसे खंडित करता है जिससे बिजली बनती है। जेनपेक्स के सीईओ कियोशी हिरास्वा ने यह तोक्यो टीवी को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसके पेटेंट के लिए आवेदन कर दिया गया है।
है न कमाल...................................................
दीपक
Sunday, 24 July 2011
क्या आप जानते है ????????
कई बार ऐसा होता है कि हम मन लगाकर ईमानदारी से अपना काम करते हैं इसके बाद भी हमारी तरक्की नहीं होती। जबकि जो व्यक्ति कई मामलों में हमसे कमतर होता है, उसकी तरक्की जल्दी हो जाती है। ऐसी स्थिति में हम खुद को ठगा हुआ सा महसूस करते हैं और अपने मालिक के प्रति घ्रणा से भर जाते हैं।
आइये चलते हैं एक सुन्दर सी कथा की ओर, जो काम और तरक्की के बीच के संबंधों और बारीक कारणों से पर्दा उठाती है...
किसी गांव में हरिया नाम का एक लकड़हारा रहता था। वह अपने मालिक के लिए रोज जंगल से लकडिय़ां काटकर लाता था। यह काम करते हुए उसे पांच साल हो चुके थे लेकिन मालिक ने न तो कभी उसकी तारीफ की और न ही वेतन बढ़ाया। थोड़े दिनों बाद उसके मालिक ने जंगल से लकडिय़ां काटकर लाने के लिए बुधिया नाम के एक और लकड़हारे को भी नौकरी दे दी। बुधिया अपने काम में बड़ा माहिर था। वह हरिया से ज्यादा लकडिय़ां काटकर लाता था। एक साल के अंदर ही मालिक ने उसका वेतन बढ़ा दिया। यह देखकर हरिया बहुत दु:खी हुआ और मालिक से इसका कारण पूछा।
मालिक ने कहा कि पांच साल पहले तुम जितने पेड़ काटते थे आज भी उतने ही काटते हो। तुम्हारे काम में कोई फर्क नहीं आया है जबकि बुधिया तुमसे ज्यादा पेड़ काटकर लाता है। यदि तुम भी कल से ज्यादा पेड़ काटकर लाओगे तो तुम्हारा वेतन भी बढ़ जाएगा। हरिया ने सोचा कि बुधिया भी उतनी ही देर काम करता थे जितनी देर मैं। तो भी वह ज्यादा पेड़ कैसे काट लेता है। यह सोचकर वह बुधिया के पास गया और उससे इसका कारण पूछा। बुधिया ने बताया कि वह कल काटने वाले पेड़ को एक दिन पहले ही चुन लेता है ताकि दूसरे दिन इस काम में वक्त खराब न हो। इसके अलावा रोज कुल्हाड़ी में धार भी करता है इससे पेड़ जल्दी कट जाते हैं और कम समय में ज्यादा काम हो जाता है।
कुछ समझे...................................................
दीपक
Wednesday, 22 June 2011
अजब गजब
55 साल के इंतजार के बाद लौटी आंखों की रोशनी
न्यूयार्क। न्यूयार्क में एक ऐसा व्यक्ति है, जिसने 55 साल के लंबे इंतजार के बाद अपनी एक आंख की रोशनी वापस पा ली है। बीबीसी ने 'जर्नल ऑफ मेडिकल केस' में प्रकाशित एक रपट के हवाले से लिखा है कि आठ साल की उम्र में अपनी एक आंख की रोशनी खोने वाले 63 वर्षीय मरीज को फिर से देखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
आंख पर पत्थर से चोट लगने के बाद उस व्यक्ति का रेटिना अपनी जगह से हट गया था। इसके बाद उसे दाईं आंख से कुछ दिखाई नहीं देता था। डॉक्टरों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद किसी व्यक्ति को आंखों की रोशनी लौटाने की यह घटना चिकित्सा विज्ञान में पहली बार घटी है।
दीपक
Sunday, 5 June 2011
वेडिंग टिप्स
शादी में समय मिले तो सवास्थ पर भी ध्यान दे -
भले ही आप शादी में कितना ही बीजी क्यों न हो पर खानपान, व्यायाम और पूरा आराम लेना जरुरी होता है | इसमें आपको लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए | त्वचा और बालो पर इन सबका बहुत असर पड़ता है | ऐसे समय में आपको पूरी तरह फिट रहना है तो आपको उपरोक्त चीजो पर ध्यान देना जरुरी है | वैसे तो शादी के मौहोल में टाइम मिलना बहुत मुश्किल है पर फिर भी ज्यादा नही तो 10 मिनट तो आपको व्यायाम के लिए निकालने ही चाहिए | अगर गर्मीं में शादी है तो आपको बार बार पानी पीते रहना चाहिए | जिससे आप रिलेक्स महसूस करेंगी | ऐसा नहीं करने से आपकी तबियत भी बिगड़ सकती है |
अन्य टिप्स -
शादी के पहले मेकप का ड्रेस का ट्राई जरुर कर ले |
अगर आप नयी चीज का इस्तेमाल करने जा रही हो तो उसकी पूरी जानकारी किसी विशेषज्ञ से जरुर ले ले, नहीं तो इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है |
आपके चेहरे पर नेचुरल उपटन जरुर लगाये |
शादी के समय फ्रेश बने रहें के लिए ज्यूस या नारियल पानी दिन 2 बार ले तो बहुत अच्छा होगा |
दीपक
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